Author name: Vijay Singh

सम्राट पृथ्वीराज चौहान : अंतिम हिन्दू सम्राट जिनकी वीरता और शौर्य के आगे सब नतमस्तक थे, पढ़िए उस शेर की गौरवगाथा को

भारत की भूमि पर अनेक  योद्धाओं और महायोद्धाओं ने जन्म लिया है। अपने दुश्मन को धूल चटाकर विजयश्री हासिल करने वाले इन योद्धाओं ने कभी अपने प्राणों की परवाह नहीं की। हमारे इतिहास ने इन योद्धाओं को वीरगति से नवाजा, सदियां बीतने के बाद आज भी इन्हें शूरवीर ही माना जाता है.जी हाँ आज हम […]

सम्राट पृथ्वीराज चौहान : अंतिम हिन्दू सम्राट जिनकी वीरता और शौर्य के आगे सब नतमस्तक थे, पढ़िए उस शेर की गौरवगाथा को Read More »

जानिए हिन्द के शेर महाराणा प्रताप के विषय में अनसुनी रोचक बातें….जिनको जानकर सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो जायेगा

महाराणा प्रताप जीवन परिचय एवं इतिहास राणा प्रताप 16वी शताब्दी मे भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे महाराणा प्रताप का संघर्ष इतिहास में अमर है महाराणा प्रताप कभी भी मुगलों के सामने नहीं झुके महाराणा प्रताप का जन्म 7 जून 1540 को उदयपुर के संस्थापक उदय सिंह द्वितीय व महारानी जयवंता बाई के घर हुआ

जानिए हिन्द के शेर महाराणा प्रताप के विषय में अनसुनी रोचक बातें….जिनको जानकर सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो जायेगा Read More »

Ashapura Mata (आशापुरा माता / शाकम्भरी माँ ) : कुलदेवी चौहान क्षत्रिय वंश

चौहान वंश की कुलदेवी शाकम्भरी / आशापुरा माता आशापुरा माता सम्पूर्ण इतिहास एवं सन्दर्भ कथा : नाडोल शहर (जिला पाली,राजस्थान) का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह उस रात भी अपनी नियमित गश्त पर था। नगर की परिक्रमा करते करते लक्ष्मण प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट

Ashapura Mata (आशापुरा माता / शाकम्भरी माँ ) : कुलदेवी चौहान क्षत्रिय वंश Read More »

महाराजा गंगासिंह जी : कलयुग के भागीरथ जिन्होंने रेगिस्तान में नदियाँ बहा दी थी ,आज भी जन-जन करता हे इनकी पूजा

कलयुग के भागीरथ महाराजा गंगासिंह जी। भारत एक विशाल देश हे जिसमे सैकड़ो प्रान्त और रियासते हुई , मित्रों इन्ही रियासतों में अगर हम सबसे उपर नाम ले तो भारत के प्रान्त राजस्थान की रियासतों का नाम सबसे पहले आता हे। राजस्थान की रियासतों में कई महान वीर योद्धा और राजा हुवे हे जिन्होंने अपनी

महाराजा गंगासिंह जी : कलयुग के भागीरथ जिन्होंने रेगिस्तान में नदियाँ बहा दी थी ,आज भी जन-जन करता हे इनकी पूजा Read More »

राणा सांगा : वीर योद्धा जो जीवन भर हिंदुत्व की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे और विदेशी लुटेरों से भारत की रक्षा की

भारतीय इतिहास में एक से बढ़कर एक वीर योद्धा हुवे हे जिन्होंने अपनी वीरता और युद्ध कौशल से इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया , मित्रों अगर हम भारत के इतिहास की जानकारी ले और राजस्थान का नाम ना आये ऐसा नहीं हो सकता हे, क्योकि राजस्थान को वीरो की भूमि कहाँ जाता हे

राणा सांगा : वीर योद्धा जो जीवन भर हिंदुत्व की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे और विदेशी लुटेरों से भारत की रक्षा की Read More »

गोरा-बादल : वीरता और शौर्य की अद्भुत कहानी , जिन्होंने अपनी वीरता से खिलजी को उसकी ओकात दिखाई थी

जब जब भारत के इतिहास की बात होती हे तब तब राजपुताना के वीरो के लड़े युद्ध और उनकी वीरता के चर्चे आम होते हे . आज हम आपको भारत के ऐसे ही दो वीर “गौरा-बादल” की वीरता और पराक्रम की सच्ची कथा बताने जा रहे हे। जो हम सबके लिए प्रेरणा प्रदान करने वाली

गोरा-बादल : वीरता और शौर्य की अद्भुत कहानी , जिन्होंने अपनी वीरता से खिलजी को उसकी ओकात दिखाई थी Read More »

श्री बाण माता : कुलदेवी सिसोदिया क्षत्रिय वंश ( गोहिल वंश )

सिसोंदिया / गुहिल राजवंश की कुलदेवी “श्री बाण माता”  इतिहासिक सूत्रो के मुताबिक सिसोंदिया , गहलौत राजवंश की कुलदेवी का नाम बायण माता या बाण माता इसलिये है क्यो कि जब हमारे पूर्वज सौराष्ट्र ( गुजरात ) से यहा चित्तौडगढ आये तब वहा गुजरात में नर्मदा नदी से जो पाषाण निकलते थे उनसे जो शिव जी

श्री बाण माता : कुलदेवी सिसोदिया क्षत्रिय वंश ( गोहिल वंश ) Read More »

जादौन वंश की कुलदेवी

जादौन वंश की कुलदेवी | श्री कैला माँ : जिनके दर्शन से होती हे सभी मनोकामनाए पूर्ण

राजस्थान के पूर्वी भाग में करौली राज्य यदुवंशी क्षत्रियो की वीर भूमि रही , करौली राजवंश की कुलदेवी के दो तरह के लेख मिलते है । जब यदुवंशी महाराजा अर्जुन देव जी ने 1348 ई. में करौली राज्य की स्थापना की। जादौन वंश की कुलदेवी तभी उन्होने करौली से उत्तरी दिशा में 2 या 3 

जादौन वंश की कुलदेवी | श्री कैला माँ : जिनके दर्शन से होती हे सभी मनोकामनाए पूर्ण Read More »

Nagnechiya Mata ( नागाणा राय ) : कुलदेवी राठौड़ राजवंश , दर्शन मात्र से संकट होते हे दूर

राजस्थान के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी चक्रेश्वरी, राठेश्वरी,  नागणेची या नागणेचिया के नाम से प्रसिद्ध है । नागणेचिया माता का मन्दिर राजस्थान में बाड़मेर की पचभदरा तहसील  नागाणा गांव में स्थित है। यह मन्दिर जोधपुर से लगभग 96 किमी. की दूरी पर है।  प्राचीन ख्यातों और इतिहास ग्रंथों के अनुसार मारवाड़ के राठौड़ राज्य के संस्थापक

Nagnechiya Mata ( नागाणा राय ) : कुलदेवी राठौड़ राजवंश , दर्शन मात्र से संकट होते हे दूर Read More »

राजपूतों की उत्पत्ति

राजपूतों की उत्पत्ति | राजपूत वंश का itihas | राजपूत वंशो की सूचि | Indian Rajputs History ( Full information )

भारत में सनातन काल से ही अनेकों जातियाँ विराजमान रही हे प्राय भारत में चार वर्णो का विश्लेषण मिलता हे इन्हीं वर्णो में से एक क्षत्रियो को ही वर्तमान में राजपूत या राजपुत्र कहकर पुकारा जाता हे। राजपूतों के लिये यह कहा जाता है कि वह केवल राजकुल में ही पैदा हुआ होगा,इसलिये ही राजपूत

राजपूतों की उत्पत्ति | राजपूत वंश का itihas | राजपूत वंशो की सूचि | Indian Rajputs History ( Full information ) Read More »

Scroll to Top